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Wednesday, 13 August 2014

भ्रष्टाचार


कभी प्रशासनिक,
 तो कभी शैक्षिक| 
भ्रष्टाचार का विशाल दायरा...
बढता जा रहा है। 
कालाबजारी , मुनाफखोरिओं से पाला 
पडते जा रहा है |

Friday, 1 August 2014

दूरदर्शिता


अनेकों आहुतियां और बलिदान
कठिन परिश्रम और अत्यंत आलोचनाओं का शिकार
सोने की चिड़िया कही जाने वाली
भारत भूमि की
क्या यही कल्पना की होगी उन्होंने?
स्वतंत्रता सेनानिओं या राष्ट्रपिता बापू ने?

Wednesday, 16 July 2014

धरती- असंतुलन की ओर अग्रसर


फ़ेंक रहे हैं,
उड़ा रहे हैं
बस फैलाए जा रहे हैं
बगैर परवाह करे संतुलन की
जो बदल रहा है
बिगड़ रहा है

Sunday, 18 May 2014

भ्रष्टाचार

        भारत की धरती पर 
         सबसे बड़ा कलंक 
       भ्रष्टाचार हमारे देश का 
        सबसे बड़ा आतंक 
        हर नए सवेरे के साथ हममे   
      भ्रष्टाचार रोकने को अंतर्द्वंद 
      फिर भी भ्रष्टाचार हमारे देश का  

Saturday, 17 May 2014

विकल्प नहीं संकल्प कीजिये


 सिहर रही सारी मानवता 
 धरती पर है भव दानवता 
 निर्मल उज्वल श्यामल धरती,
 हर दम यही पुकार है करती
 इतना पापी न बन ऐ मानव
 इंसान बन ना बन दानव 

Monday, 12 May 2014

दोष जरूर दीजिये- पर मतदान के बाद

 कल भी मौन थे.. 
 आज भी खामोश हैं..
 सरकारी तंत्र से दूर
 बस आज भी नेताओ को,
 दोष देने में मशगूल हैं.

Sunday, 11 May 2014

प्रयास है छोटा सा

                                                  
प्रयास है छोटा सा 
 एक छोटी सी कोशिश बदलाव की ... 
उम्मीद की लौ भी हलकी है जानते हैं .. 
फिर भी कोशिश है इस समय के विद्वानो को जगाने की
कुछ  समानताओं  से  अवगत  कराने  की ..
अहम  की  पट्टी  हटा  कर