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Wednesday, 16 July 2014

धरती- असंतुलन की ओर अग्रसर


फ़ेंक रहे हैं,
उड़ा रहे हैं
बस फैलाए जा रहे हैं
बगैर परवाह करे संतुलन की
जो बदल रहा है
बिगड़ रहा है

Tuesday, 20 May 2014

मानव निर्मित प्रकृति

रचना ये अद्भुत 
ये प्रकृति एक देन है.
पर क्या यही वो देन है,
जिसकी संरचना की गई थी?
जी हाँ ये प्रकृति तो वही है
परन्तु बहुत कुछ बदल गया है