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Friday, 1 August 2014

दूरदर्शिता


अनेकों आहुतियां और बलिदान
कठिन परिश्रम और अत्यंत आलोचनाओं का शिकार
सोने की चिड़िया कही जाने वाली
भारत भूमि की
क्या यही कल्पना की होगी उन्होंने?
स्वतंत्रता सेनानिओं या राष्ट्रपिता बापू ने?

Wednesday, 21 May 2014

युवा जागरण


युवा है तो वायु बन,
जीत जा जीवन का रण ।
बेशक जोश से तू कम कर ,
पर स्व-विवेक का भी तो ध्यान रख ।

Sunday, 18 May 2014

भ्रष्टाचार

        भारत की धरती पर 
         सबसे बड़ा कलंक 
       भ्रष्टाचार हमारे देश का 
        सबसे बड़ा आतंक 
        हर नए सवेरे के साथ हममे   
      भ्रष्टाचार रोकने को अंतर्द्वंद 
      फिर भी भ्रष्टाचार हमारे देश का  

Saturday, 17 May 2014

विकल्प नहीं संकल्प कीजिये


 सिहर रही सारी मानवता 
 धरती पर है भव दानवता 
 निर्मल उज्वल श्यामल धरती,
 हर दम यही पुकार है करती
 इतना पापी न बन ऐ मानव
 इंसान बन ना बन दानव 

Friday, 16 May 2014

भर हुंकार

आज जाग युवा की देश की यही पुकार है,
तू ही तो है, जो देश का कर्णधार है. 

आज जाग देख की इन भ्रष्टो को जगाना है
दूषित भारत भूमि को आज,